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Ketu ka vishesh prabhav | Ketu | The Planet of intuition and power | INTUITION |

Ketu ka vishesh prabhav | Ketu | The Planet of intuition and power | INTUITION |

 

1.शनि और केतु द्वितीय या अष्टम भाव में एक साथ हो तो व्यक्ति को पूर्वाभास होता है।
2.अष्टमेश लग्न में स्थित हो या अष्टमेश और लग्नेश की युति हो तो अंतर्ज्ञान होता है।
3.राहु और शनि की युति लग्न या अष्टम भाव में हो तो पूर्वाभास होता है।
4.बृहस्पति और केतु की युति हो या केतु बृहस्पति की राशियों में हो तो इन्ट्यूशन देता है।
5.केतु नवम भाव को प्रभावित करें और लग्नेश अष्टम भाव को प्रभावित करें तो इन्ट्यूशन पावर देता है।
6.चंद्र केतु की युति अंतर्ज्ञान की शक्ति देती है।
7.चंद्र राहु की युति भ्रमित करती है।
8.अष्टम और द्वादश भाव को प्रभावित करने वाले ग्रह पूर्वाभास की शक्ति प्रदान करते हैं।
9.लग्न द्वितीय चतुर्थ अष्टम और द्वादश भाव में केतु की स्थिति अंतर्ज्ञान की शक्ति प्रदान करती है।
10.केतु और अष्टमेश की युति पूर्वाभास की शक्ति प्रदान करती है।
11.केतु और शनि की युति व्यक्ति को आध्यात्मिक मार्ग में प्रवृत्त करती है।
12.बृहस्पति से दृष्ट केतु चतुर्थ अष्टम और द्वादश भाव में स्थित हो तो व्यक्ति मोक्ष प्राप्ति की ओर आगे बढ़ता है।

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