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हथेली में विभिन्न स्थान पर विभिन्न प्रकार के चिह्न भी पाए जाते हैं। प्राय क्रॉस, बिंदु, वर्ग, जाल, नक्षत्र अर्थात् तारा, वृत्त, त्रिभुज, द्वीप आदि चिह्न विभिन्न पर्वतों और रेखाओं पर पाए जाते हैं। हथेली में विभिन्न लक्षणों के साथ-साथ इन चिह्न का अध्ययन करना चाहिए। केवल चिह्न के आधार पर कोई निर्णय नहीं करना चाहिए। आज हम बृहस्पति पर्वत पर बनने वाले विभिन्न चिह्नों के बारे में चर्चा कर रहे हैं। अंगूठे के पास वाली तर्जनी अंगुली अर्थात् इंडेक्स फिंगर के निचले हिस्से पर बृहस्पति पर्वत स्थित होता है। बृहस्पति ज्ञान, परोपकार, धर्म, न्याय, सफलता, धन आदि का ग्रह माना गया है। गुरु पर्वत पर स्थित चिह्न क्या-क्या प्रभाव लाते हैं? आईए जानते हैं।
* एक अच्छा बृहस्पति पर्वत उभरा हुआ होता है। बृहस्पति पर्वत व्यक्ति को ज्ञानी, संवेदनशील और विनम्र बनता है। ऐसे लोग परोपकारी होते हैं। अधिक मात्रा में उभरा हुआ बृहस्पति पर्वत व्यक्ति को अहंकारी बना देता है।
* यदि बृहस्पति पर्वत पर गड्ढे का चिह्न दिखाई दे तो व्यक्ति को भाग्य का फल पर्याप्त रूप से नहीं मिल पाता है। ऐसे लोग नौकरी करने वाले होते हैं। ऐसे लोग दूसरों के अधीन कार्य करते हैं।
* गुरु पर्वत सामान्य उभरा हुआ होना चाहिए। अधिक उभरा हुआ होने से व्यक्ति में अहंकार की भावना उत्पन्न होती है और व्यक्ति आत्ममुग्ध होता है। वह दूसरों को महत्व नहीं देता है। वह अपने आप को श्रेष्ठ समझता है।
* गुरु पर्वत से नेतृत्व क्षमता भी देखी जाती है। यदि गुरु पर्वत पर कोई धब्बा या जाली का चिह्न हो तो व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता कम हो जाती है। वह घमंडी और स्वार्थी हो जाता है।
गुरु पर्वत पर रेखाओं का जाल हो या गुरु पर्वत पर आड़ी रेखाएं हो तो इसको अशुभ माना गया है। इस प्रकार का चिह्न होने से गुरु पर्वत की शुभता में कमी आती है।
* गुरु पर्वत प्रबंधन के लिए भी जाना जाता है। यदि गुरु पर्वत पर खड़ी रेखाएं होती है तो यह शुभ फल देता है। ऐसा व्यक्ति श्रेष्ठ प्रबंधक हो सकता है।
* गुरु पर्वत से सफलता देखी जाती है और अधिकार प्राति भी देखी जाती है। गुरु पर्वत पर नक्षत्र या तारे का चिह्न हो तो व्यक्ति को सम्माननीय पद प्राप्त होता है। व्यक्ति जीवन में पद व प्रतिष्ठा प्राप्त करता है। उसको अकस्मात धन की प्राप्ति होती है।
* गुरु पर्वत पर त्रिशूल या त्रिकोण का चिह्न हो तो व्यक्ति उच्च अधिकारी बनता है। यह चिह्न व्यक्ति को धनी व संपत्तिशाली बनाता है। व्यक्ति को राजनीतिज्ञ व उद्योगपति बनाता है।
* गुरु पर्वत पर यदि वृत्त का चिह्न हो तो वह व्यक्ति प्रभावशाली होता है। उसके विवाह में दहेज की प्राप्ति होती है। वह उच्च पद प्राप्त करता है।
* सामान्यतः क्रॉस का चिह्न हथेली में कोई विशेष प्रभाव नहीं देता है, फिर भी गुरु पर्वत पर क्रॉस का चिन्ह शुभ ही माना गया है। जिन व्यक्तियों के गुरु पर्वत पर क्रॉस का चिह्न हो वह परोपकारी तथा धार्मिक होते हैं। ऐसे व्यक्ति मिलनसार होते हैं और ओजस्वी होते हैं। व्यक्ति सफल वैवाहिक जीवन प्राप्त करता है। क्रॉस का चिह्न निर्दोष होना चाहिए। अर्थात् इस चिह्न को कोई रेखा काटे तो शुभ प्रभाव कम हो जाते हैं और व्यक्ति निराश होता है।
* गुरु पर्वत पर यदि द्वीप का चिह्न हो तो व्यक्ति की इच्छाओं की पूर्ति नहीं होती है।
व्यक्ति का आत्मविश्वास निर्बल होता है।
* गुरु पर्वत पर यदि वर्ग का चिह्न हो तो व्यक्ति को मानहानि से बचाता है।
* गुरु पर्वत पर बिंदु का चिह्न हो तो व्यक्ति की प्रतिष्ठा में हानि होती है और विवाह में अड़चनें आती है।