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धन त्रिकोण | Dhan Tribhuj | Money Triangle | हस्तरेखा |


@धन त्रिकोण | Money Triangle | हस्तरेखा |
हथेली में मस्तिष्क रेखा व भाग्य रेखा के साथ कोई एक रेखा आकर मिले अर्थात् बुध रेखा के मिलने से जो एक बड़ा त्रिभुज बनता है, वह धनदायक होता है। इसको धन त्रिकोण कहते हैं। जिनकी हथेलियों में इस प्रकार का त्रिभुज बनता है वे व्यक्ति धनी होते हैं। ऐसे व्यक्तियों के पास जमा पूंजी अधिक होती है। ऐसे व्यक्तियों के पास स्थाई संपत्ति, मकान, भूमि, वाहन आदि पर्याप्त मात्रा में होते हैं। इस प्रकार के त्रिभुज वाले व्यक्ति अच्छे व्यापारी होते हैं। ऐसे व्यक्ति आजीवन संपन्नता में ही जीवन व्यतीत करते हैं।

यदि मस्तिष्क रेखा सीधी हो और भाग्य रेखा मस्तिष्क रेखा तक जा कर रुक जाए तो व्यक्ति 35 वर्ष तक धन संपत्ति का उपभोग करेगा और यदि मस्तिष्क रेखा ऊपर उठी हुई हो तो व्यक्ति 42 वर्ष तक उपभोग करेगा। यदि भाग्य रेखा लंबी हो और मध्यमा अंगुली के पास दो खड़ी रेखाएं हो तो व्यक्ति आजीवन संपत्ति का उपभोग करेगा।

यदि यह त्रिभुज मस्तिष्क, रेखा बुध रेखा और जीवन रेखा से बन रहा हो तो यह बड़ा त्रिभुज हो जाएगा। यह व्यक्ति को अपने परिश्रम के आधार पर धन देगा। यदि भाग्य रेखा मस्तिष्क रेखा पर आकर रुक जाए तो व्यक्ति के जीवन में अकस्मात् अवनति देखने को मिलती है। उसका धन किसी न किसी प्रकार से नष्ट हो जाता है। यदि भाग्य रेखा इस त्रिभुज के अंदर से जाकर इसको दो भागों में बांट दे तो धन तो खूब आता है परंतु खर्चे बहुत होते हैं बचत नहीं हो पाती है। इस त्रिभुज का कोई कोना यदि खुला हो तो व्यक्ति का आय व्यय का कोई हिसाब नहीं होगा। उसके खर्चे और आय में अनियमितता होगी। यदि वह खर्च कम करेगा तो उसकी आय भी कम हो जाएगी। इस त्रिभुज के स्थान पर राहु क्षेत्र होता है। यदि राहु क्षेत्र अंदर धंसा हुआ होता है तो व्यक्ति अपने परिश्रम से कमाई भी करता है और खर्च भी करता है। यदि यह क्षेत्र समतल हो तो व्यक्ति स्वयं के परिश्रम से कमाई नहीं करता है तथा दूसरों के धन पर आश्रित रहता है या कर्ज लेता रहता है।

यदि यह भाग्य रेखा मणिबंध से नहीं निकलकर चंद्र पर्वत से निकलकर ट्रायंगल बनाती है तो व्यक्ति नौकरी से या यात्राओं के माध्यम से धन प्राप्त करता है। वह व्यक्ति विदेश जा सकता है या देश में ही दूर-दराज के क्षेत्र में रह सकता है। व्यक्ति इस प्रकार का कार्य करेगा जिसमें निरंतर घूमना फिरना लगा रहेगा।

यदि इस त्रिभुज की कोई भुजा टूटी फूटी हो या त्रिभुज के अंदर आडी-टेढ़ी रेखाएं जा रही हो तो व्यक्ति को धन की हानि होती है। जीवन में कई बार धन की हानि होती है और ऐसे व्यक्ति बचत नहीं कर पाते हैं। मध्यायु में आर्थिक स्थिति में खूब उतार चढ़ाव रहता है।
इस प्रकार से यदि हथेली में धन त्रिकोण बन रहा हो तो जीवन में 28 या 32 वें वर्ष में ही प्रगति के खूब अवसर प्राप्त हो जाते हैं और व्यक्ति उन अवसरों के अनुसार परिश्रम व व्यापार कर करोड़पति व अरबपति बन सकता है।

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