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Mars | Venus | conjunction | मंगल | शुक्र | युति

मंगल शुक्र युति:- Mars- Venus conjunction

    आज हम बात करेंगे मंगल शुक्र युति के बारे में और विशेष तौर पर मंगल शुक्र की युति से होने वाले व्यवसाय के बारे में। सबसे पहले हम मंगल पर विचार करते हैं मंगल यदि रोजगार कारक  होता है तो मंगल से संबंधित कौन-कौन से व्यवसाय में करियर बनता है? व्यक्ति को क्या करियर मिलता है?

    मंगल बिजली और ऊर्जा से संबंधित विभाग में जोब देता है, अग्नि से संबंधित कार्य देता है, मंगल स्थाई संपत्ति का कार्य देता है, हथियारों से संबंधित कार्य देता है, मशीन, धातु कल- कारखाने देता है। वृश्चिक लग्न में मंगल लग्नेश होता है तो वह व्यक्ति को चिकित्सक या मनोवैज्ञानिक बनाता है। मंगल पुलिस विभाग में या सेना में कोई जॉब देता है, बिल्डर बनाता है अर्थात कंस्ट्रक्शन से जोड़ता है, मैकेनिक बनाता है, इंजीनियर बनाता है, डिजाइनर बनाता  है, मंगल सेफ बनाता है, अर्थात पाक कला से संबंधित जॉब देता है।  मंगल व्यक्ति को तर्कशक्ति देता है। इस प्रकार से ये मंगल के व्यवसाय होते हैं।

    इसके अलावा मंगल यदि बहुत अच्छी स्थिति में नहीं होता है तो थोड़े कम दर्जे के व्यवसाय देता है या जॉब देता है; जैसे कोई साधारण स्तर का कर्मचारी हो, साधारण स्तर का सर्जन हो, रसोईया हो, जेल में काम करने वाले व्यक्ति हो, लोडर चलाने वाला हो, पुलिसकर्मी हो, मछुआरा हो, मुक्केबाज, पहलवान व एथलीट हो।  सामान्य किसान हो, इस तरह से यह मंगल कार्य देता है।

     इसके अलावा यदि मंगल कुंडली में और भी खराब स्थिति में हो तो व्यक्ति अंतिम संस्कार करने वाला, अंत्येष्टि कर्ता, खदान में काम करने वाला, श्रमिक, जासूसी करने वाला, सुरक्षा गार्ड, अंगरक्षक, गुप्त एजेंट, अपराधी, धोखेबाज, ठग, फोरेंसिक विशेषज्ञ, शराब, तंबाकू, दवाइयों का काम करने वाला, ड्रग्स का काम करने वाला, चोरी का सामान खरीदने वाला, जहर, रसायन आदि कार्य करने वाला, गोताखोर, शिकारी, रहस्यवादी, टेलीपैथी से जुड़ा हुआ, मालिश करने वाला आदि इस प्रकार से मंगल के व्यवसाय होते हैं।

     क्योंकि हम बात कर रहे थे मंगल शुक्र की युति के बारे में, तो उससे पहले हम यह देख लेते हैं की मंगल के जो नक्षत्र होते हैं उसके आधार पर मंगल क्या फल देता है तो –

    मंगल का नक्षत्र मृगशिरा होता है। यदि मृगशिरा में मंगल रोजगार कारक हो तो व्यक्ति चित्रकार, भाषा विचारक, खेती का व्यापार करने वाला, डिजाइनर, पशु चिकित्सा, रियल एस्टेट का कर्मचारी होता है।

    हम चित्रा नक्षत्र की बात करते हैं की मंगल जब चित्रा नक्षत्र में होता है तो क्योंकि यह मंगल का नक्षत्र है तो व्यक्ति मूर्तिकार, चित्रकार, वास्तु का कार्य करने वाला, फैशन डिजाइनर, फोटोग्राफर, आलोचक, आदि होता है।

    अब मंगल के एक और नक्षत्र के बारे में बात करते हैं जो है धनिष्ठा। धनिष्ठा में मंगल हो तो व्यक्ति एथलीट होता है, खेलों से जुड़ा हुआ होता है, संगीतकार आदि भी हो सकता है, रियल एस्टेट का कर्मचारी होता है, सर्जन होता है। इस प्रकार से हमने मंगल की बातें की तो मंगल शुक्र के योग के बारे में बात करें तो हमें देखना होगा कि शुक्र क्या व्यवसाय देता है? 

    शुक्र व्यक्ति को कला से संबंधित व्यवसाय देता है। नाट्य कला, संगीत, गायन, चित्रकला, ललित कला, डेयरी व्यवसाय, फैशन का कार्य, फैंसी आइटम का कार्य आदि।

     कुंडली का दशम भाव कर्म के रूप में जाना जाता है। मंगल और शुक्र यदि दशम भाव में स्थित हो तो व्यक्ति सौंदर्य शास्त्र और भौतिकता से संबंधित कोई कार्य करेगा। मंगल क्रिया और ऊर्जा का प्रतिनिधित्व करता है जबकि शुक्र प्रेम और सुंदरता का प्रतिनिधित्व करता है। इस प्रकार से यह व्यक्ति ऐसे कार्यक्षेत्र की ओर आकर्षित होता है जहां कलात्मक गतिविधियों के माध्यम से स्वयं को अभिव्यक्त करता है। व्यक्ति में नेतृत्व क्षमता भी आती है और जिस क्षेत्र को वह चुनता है उसमें उत्कृष्ट प्राप्त करने की इच्छा भी व्यक्ति में होती है और कैरियर सफल बनता है।  व्यक्ति की सकारात्मक सार्वजनिक छवि बनती है। उसे भौतिक सुखों की प्राप्ति होती है, परंतु शुक्र मंगल का योग वैवाहिक जीवन के लिए अच्छा नहीं होता है।  मंगल व शुक्र के योग के कारण से रिश्तों के मामले में संतुलन की आवश्यकता होती है।

    मंगल शुक्र के योग से व्यक्ति कीमती रत्नों का, धातुओं का काम, फैशन डिजाइनिंग का कार्य आदि करता है। ऐसा व्यक्ति जनसंपर्क का कार्य, मीडिया आदि का कार्य करता है। व्यक्ति नेटवर्किंग और इवेंट के कार्य में भी अपना करियर बनाता है। शुक्र भौतिक सफलता प्राप्त करवाता है, समृद्धि प्रदान करता है। व्यक्ति प्रसिद्ध होता है तथा उसे विभिन्न पुरस्कार प्राप्त होते हैं। व्यक्ति महत्वाकांक्षी होता है। अतः हम कह सकते हैं की दशम भाव में मंगल शुक्र की युति व्यक्ति को इस प्रकार का व्यवसाय देती है।

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