टीएन सेशन
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टीएन सेशन भारत सरकार में आई.ए.एस. अफसर थे जो आगे चलकर मुख्य चुनाव आयुक्त बने थे।
Former Chief Election Commissioner (CEC) of India, Tirunellai Narayana Iyer Seshan (टी.एन. शेषन) का जन्म 14 मई 1933 को प्रातः 03:30 पालघाट में हुआ था।
टीएन शेषन ने 1990 के दशक में आदर्श आचार संहिता को बेरहमी से लागू किया और चुनावी सुधारों का नेतृत्व किया, जब उन्होंने 12 दिसंबर, 1990 से 11 दिसंबर, 1996 तक 10वें चुनाव आयुक्त के रूप में कार्य किया।
उनकी मीन लग्न की जन्म कुंडली के दशम भाव में धनु राशि है जो अग्नि राशि है और दशम भाव का स्वामी बृहस्पति लग्न से छठे भाव में सिंह राशि में स्थित है, यह राजकीय सेवा बताता है। मंगल नवमेश होकर छठे भाव में गुरु के साथ स्थित है, यह धर्म कर्माधिपति राजयोग बनाता है। बृहस्पति के लग्नेश होने से तथा मंगल के नवमेश होने से यह लक्ष्मी योग भी बनाता है। आत्मकारक सूर्य उच्च राशिस्थ है तथा अमात्य कारक चंद्रमा दशम भाव में स्थित है।
दशमांश कुंडली के लग्न में शनि के स्थित होने से व्यक्ति में सत्ता की महत्वाकांक्षा होती है। लग्नेश बृहस्पति तथा द्वितीयेश मंगल केतु के साथ अग्नि राशि में छठे भाव में स्थित होने से टी.एन. सेशन राजनेताओं के लिए कठोर साबित हुए। यहां द्वितीयेश और षष्ठेश का परिवर्तन भी है। उन्होंने कई चुनाव सुधार के नियम बनाए तथा भारत में चुनावी पहचान पत्र की प्रणाली प्रारंभ की। उन्होंने नियमों की पालना कठोरता से कारवाई। पंचमेश चंद्रमा के दशम भाव में स्थित होने के कारण इन्होंने अपनी इच्छानुसार नियम परिवर्तन किये। देश को उन्होंने चुनाव आयोग की शक्ति दिखा दी थी।
सन 1994 में शनि महादशा की बुद्ध अंतर्दशा में समान अधिकार प्राप्त दो और अफसर उनके साथ नियुक्त कर दिए गए कृष्णमूर्ति और गिल। इनका अधिकार बंट गया। आगे चलकर शनि महादशा की केतु अंतर्दशा इनके लिए खराब रही।